पहले जरूरी जानकारी तय करें
चित्र सजाने से पहले एक सरल वाक्य लिखें: “तीन नाम वाले पत्ते: पान का सात, चिड़ी की बेगम और हुकुम का इक्का।” इससे तय होता है कि छोटा लेआउट होने पर कौन-सी जानकारी दिखती रहनी चाहिए। सजावटी छाया और किनारे उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन वे रैंक या सूट को ढकें नहीं।
पूरी जानकारी केवल रंग से न दें
लाल किनारा किसी दूसरे स्क्रीन पर अलग दिख सकता है और कुछ पाठकों के लिए पहचानना कठिन हो सकता है। उसके साथ नाम, चिह्न या शब्दों में समझाई गई स्थिति दें। दो समूह A और B हों तो उनके पास ये अक्षर भी दिखाएँ। यदि मतलब पान के पत्ते हैं तो “लाल पत्ते देखें” के बजाय “पान के पत्ते देखें” लिखें।
चित्र की जानकारी शब्दों में भी उपलब्ध रखें
चित्र में ऐसी जानकारी हो जो पास के पाठ में नहीं है, तो उसका उपयोगी वैकल्पिक विवरण दें। पत्तों की छोटी सूची चित्र के नीचे लिखी जा सकती है; जटिल चित्र को अधिक विस्तार चाहिए। यदि पास का पाठ पूरी जानकारी देता है और चित्र केवल सजावटी है, तो स्क्रीन रीडर से वही विवरण दो बार सुनवाने से बचें।
छोटी स्क्रीन पर पढ़ने का क्रम जाँचें
विवरण और उसका चित्र दस्तावेज में पास-पास रखें। संकरी स्क्रीन पर अक्षर बहुत छोटे करने के बजाय पत्तों को अगली पंक्ति में आने दें। बड़े पाठ के साथ भी जाँचें। सुनिश्चित करें कि चित्र का शीर्षक उसी चित्र से जुड़ा रहे और सजावट समझे बिना भी उदाहरण का अर्थ स्पष्ट हो।
सामान्य प्रश्न
क्या सिर्फ रंग बदलना पर्याप्त है?
नहीं। अच्छे रंगों के साथ भी स्पष्ट नाम और पढ़ने का सही क्रम जरूरी हैं।
क्या वैकल्पिक विवरण में पूरा लेख लिखना चाहिए?
नहीं। चित्र की जरूरी जानकारी संक्षेप में दें और लंबा विवरण पास के पाठ में रखें।
क्या स्पष्ट चित्र से पूरा पेज सुलभ हो जाता है?
नहीं। नेविगेशन, कंट्रोल, कंट्रास्ट और कीबोर्ड व्यवहार की भी जाँच चाहिए।