पहले दिखने वाली चीजें लिखें
ऐसी जानकारी से शुरुआत करें जिस पर उंगली रख सकें: तीन पत्तों की आकृतियाँ, दिखता हुआ 7, पान का चिह्न या ढका हुआ किनारा। साधारण वर्णनात्मक भाषा रखें। पत्ते का हिस्सा ही दिखे तो उसी हिस्से का वर्णन करें, याद से पूरा न करें। अधूरा अवलोकन भी सही हो सकता है।
चित्र क्या नहीं बताता, यह पहचानें
केवल पत्तों का चित्र नियम, मालिक या पहले हुई घटना नहीं बताता। इन प्रश्नों को दिखने वाले तथ्यों से अलग रखें। छिपा रैंक बताने के बजाय लिखें कि दाईं ओर का पत्ता आंशिक रूप से ढका है। कैप्शन अतिरिक्त जानकारी दे तो उसे कैप्शन से मिली जानकारी कहें।
स्थिति का स्पष्ट संदर्भ दें
बायाँ और दायाँ आम तौर पर पाठक की ओर से होते हैं। चित्र घुमाया जा सकता हो तो यह स्पष्ट करें। पाठ के चित्र में A, B और C जैसे लेबल अधिक स्थिर हो सकते हैं। बताएँ कि आप पंक्ति, ढेर या किसी एक चिह्नित पत्ते का वर्णन कर रहे हैं। बीच में संदर्भ-बिंदु न बदलें।
दो स्वतंत्र विवरणों की तुलना करें
दो पाठकों से एक ही चित्र का विवरण लिखवाएँ, पहले उन्हें एक-दूसरे के नोट न दिखाएँ। दिखाई देने वाली बातें पहले मिलाएँ और व्याख्याएँ अलग चर्चा करें। अंतर छोटे चिह्न या अस्पष्ट कटाव से हो तो चित्र या कैप्शन सुधारें। यह अभ्यास स्पष्ट संवाद का है, छिपी जानकारी या परिणाम का अनुमान लगाने का नहीं।
सामान्य प्रश्न
क्या अनिश्चित चीज का वर्णन कर सकते हैं?
हाँ। संदेह और उसका कारण बताएँ, जैसे कटा किनारा या न पढ़ा जा सकने वाला चिह्न।
क्या कैप्शन इस्तेमाल करना चाहिए?
उपयोगी हो तो करें, लेकिन उसकी जानकारी को चित्र में दिखती जानकारी से अलग बताएँ।
क्या लंबा विवरण हमेशा बेहतर है?
नहीं। काम के लिए जरूरी बातें स्पष्ट क्रम में दें। दोहराव सही विवरण को भी कठिन बना सकता है।